Ajit Kumar Nath

Ajit Kumar Nath — AstroVgyaan ke sansthapak aur research lead. Inka vishwas hai ki gyan ka asli uddeshya seva hai — isliye inka kaam kabhi bhi vyaktigat consultation ya paid sessions tak simit nahi raha. Vedic Jyotish (Parashari Hora Shastra, Jaimini Sutram, Bhrigu Nandi Nadi), Lal Kitab, Vastu Shastra aur Ank Jyotish (Numerology) par varshon ka swatantra adhyayan aur shodh karke, unhe saral, imandaar aur research-aadharit lekhon ke roop mein sabke liye free upalabdh karana — yahi inka jeevan-uddeshya hai. Research aur collaboration ke liye: astrovgyaan@gmail.com

Ajit Kumar Nath

Ajit Kumar Nath — Researcher, AstroVgyaan

Ajit Kumar Nath — AstroVgyaan ke sansthapak aur research lead. Inka vishwas hai ki gyan ka asli uddeshya seva hai — isliye inka kaam kabhi bhi vyaktigat consultation ya paid sessions tak simit nahi raha. Vedic Jyotish (Parashari Hora Shastra, Jaimini Sutram, Bhrigu Nandi Nadi), Lal Kitab, Vastu Shastra aur Ank Jyotish (Numerology) par varshon ka swatantra adhyayan aur shodh karke, unhe saral, imandaar aur research-aadharit lekhon ke roop mein sabke liye free upalabdh karana — yahi inka jeevan-uddeshya hai. Research aur collaboration ke liye: astrovgyaan@gmail.com

Jyotish Course

अध्याय ८.१ — भृगु नंदी नाड़ी क्या है? गुरु ही जातक है | Bhrigu Nandi Nadi Hindi Guide

पराशरी ज्योतिष में हम लग्न से शुरू करते हैं — लग्न, भाव, भावेश, दशा। पर कल्पना कीजिए एक ऐसी पद्धति की जिसमें न लग्न चाहिए, न भाव, न विंशोत्तरी दशा — केवल ग्रह और…

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Vrat-Tyohar

सावन 2026 — राशि अनुसार शिव पूजा: किस राशि को कौन सा अभिषेक, मंत्र और उपाय | सम्पूर्ण विधि

हर सावन में मेरे पास सबसे अधिक जो प्रश्न आता है, वह यह नहीं कि “पूजा करूँ या नहीं” — बल्कि यह कि “मेरी राशि के हिसाब से शिवजी की पूजा कैसे करूँ कि पूरा फल मिले?” और यह प्रश्न बिल्कुल सही है। वैदिक ज्योतिष कहता है — हर जातक की प्रकृति उसकी राशि और राशि-स्वामी से बनती है, तो अभिषेक का द्रव्य भी वही क्यों न हो जो आपके ग्रह-स्वभाव से मेल खाए? इस लेख में मैं आपको AstroVgyaan की वही विधि दे रहा हूँ जो मैं अपने जातकों को व्यक्तिगत परामर्श में देता हूँ — राशि-स्वामी के तत्व के अनुसार अभिषेक — पूरे शास्त्रीय तर्क के साथ। सावन में ही शिव-पूजा का इतना महत्व क्यों? — कथा और शास्त्र समुद्र मंथन की कथा याद कीजिए — जब हलाहल विष निकला तो सृष्टि को बचाने के लिए महादेव ने उसे कंठ में धारण किया। विष की ज्वाला शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया — मान्यता है कि वह मास श्रावण ही था। इसीलिए सावन में जलाभिषेक को सर्वोच्च सेवा माना गया — आप उस देव को शीतलता दे रहे हैं जिसने आपके लिए विष पिया। शिव पुराण की विद्येश्वर संहिता स्पष्ट कहती है कि शिवलिंग पर जलधारा मात्र से महादेव प्रसन्न होते हैं — वे सचमुच “भोले” हैं, उन्हें वैभव नहीं, भाव चाहिए। ज्योतिषीय दृष्टि से भी देखिए — सावन दक्षिणायन का पहला पूर्ण मास है। दक्षिणायन में सूर्य-ऊर्जा घटती है, चंद्र-तत्व (जल, मन, भावना) बढ़ता है — और चंद्रमा किसके शीश पर विराजते हैं? महादेव के। इसीलिए यह मास मन के स्वामी की शरण का मास है। साथ ही यह चातुर्मास के भीतर आता है — विष्णु शयन में हैं, सृष्टि का कार्यभार रुद्र के पास है। सावन में शिव ही कर्ता हैं, शिव ही रक्षक। सावन 2026 — मुख्य तिथियाँ एक नज़र में पर्व तिथि सावन आरंभ 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) सावन सोमवार 3, 10, 17, 24 अगस्त सावन शिवरात्रि 11 अगस्त नाग पंचमी 17 अगस्त श्रावण पूर्णिमा / रक्षाबंधन 28 अगस्त इस वर्ष की विशेष बात: उच्च के गुरु 12 अगस्त तक अस्त हैं — अर्थात पहले दो सोमवार (3, 10 अगस्त) और शिवरात्रि गुरु-अस्त काल में पड़ेंगे। घबराइए नहीं — अस्त का प्रभाव सांसारिक शुभारंभों पर होता है, भक्ति पर नहीं। बल्कि शास्त्र कहते हैं कि जब ग्रह-बल क्षीण हो, तब देव-बल की शरण ही सर्वोत्तम है। पूरी dates और व्रत विधि यहाँ: सावन 2026 सम्पूर्ण Guide राशि-अनुसार अभिषेक का शास्त्रीय तर्क यह कोई मनगढ़ंत सूची नहीं है — इसका आधार सीधा है: हर राशि का स्वामी ग्रह है, और हर ग्रह का प्रिय तत्व-द्रव्य। मंगल को गुड़-रक्तवर्ण प्रिय, शुक्र को दुग्ध-शर्करा-सुगंध, बुध को हरित रस, चंद्र को दुग्ध, सूर्य को मधु, गुरु को हरिद्रा-केसर, शनि को तिल। जब आप अपने राशि-स्वामी का प्रिय द्रव्य महादेव को अर्पित करते हैं, तो एक ही अर्घ्य से दो काम होते हैं — शिव-कृपा और अपने स्वामी ग्रह की शांति। अब देखिए अपनी राशि: मेष राशि (Aries) स्वामी मंगल: गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक करें, लाल पुष्प (गुड़हल) अर्पित करें। मंगल का तेज गुड़ की मिठास से संतुलित होता है — क्रोध शांत, साहस स्थिर। इस वर्ष आपकी साढ़े साती का प्रथम चरण चल रहा है (शनि मीन में) — इसलिए जल में काले तिल भी मिलाएँ। “ॐ नमः शिवाय” 108 बार, और हर सोमवार शिव चालीसा। वृषभ राशि (Taurus) स्वामी शुक्र: ताज़े दही से अभिषेक करें, सफेद पुष्प और अक्षत अर्पित करें। शुक्र का शीतल तत्व दही में है — दांपत्य-सुख और वैभव दोनों के द्वार खुलते हैं। सोमवार व्रत रखें तो सफेद वस्त्र में करें। “ॐ नमः शिवाय” के साथ शुक्रवार को भी शिवालय जाएँ — आपके लिए दोहरा योग है। मिथुन राशि (Gemini) स्वामी बुध: गन्ने के रस से अभिषेक करें और बेलपत्र अधिक चढ़ाएँ (कम से कम 11)। बुध का हरित तत्व गन्ने और बेल दोनों में है — बुद्धि तेज़, वाणी शुद्ध। बुध अभी वक्री चल रहे हैं — इसलिए इस सावन आपके लिए अभिषेक के साथ मौन-साधना (10 मिनट) विशेष फलदायी है। “ॐ नमः शिवाय” का मानसिक जाप श्रेष्ठ। कर्क राशि (Cancer) स्वामी चंद्र: कच्चे दूध से अभिषेक करें — आपकी राशि का स्वामी स्वयं शिव के शीश पर विराजमान है, इसलिए कर्क वालों का जलाभिषेक सीधे मन तक पहुँचता है। सफेद पुष्प, चावल अर्पित करें। इस समय उच्च के गुरु आपकी ही राशि में हैं — सावन आपके लिए इस दशक का श्रेष्ठतम है; सोमवार व्रत अवश्य रखें। सिंह राशि (Leo) स्वामी सूर्य: शहद मिश्रित जल से अभिषेक करें, लाल कनेर अर्पित करें। सूर्य का तेज मधु में है — मान-प्रतिष्ठा और नेतृत्व निखरता है। 17 अगस्त से सूर्य आपकी राशि में प्रवेश करेंगे — सावन का उत्तरार्ध आपके आत्मबल का चरम होगा। अभिषेक के बाद “ॐ नमः शिवाय” 108 बार और सूर्य को अर्घ्य — दोनों साथ करें। कन्या राशि (Virgo) स्वामी बुध: गन्ने के रस अथवा दूर्वा मिश्रित जल से अभिषेक करें। बेलपत्र पर सफेद चंदन से “ॐ” लिखकर अर्पित करना आपके लिए विशेष है — बुध की लेखन-शक्ति शिव को समर्पित। पाचन व चिंता से मुक्ति के लिए सोमवार व्रत में फलाहार हल्का रखें। “ॐ नमः शिवाय” के साथ बुधवार को भी दर्शन करें। तुला राशि (Libra) स्वामी शुक्र: सुगंधित जल (इत्र/गुलाब जल मिश्रित) से अभिषेक करें, सफेद-गुलाबी पुष्प अर्पित करें। शुक्र का सौंदर्य-तत्व सुगंध में है — संबंधों में मिठास और निर्णय-शक्ति में संतुलन आता है। जो विवाह-इच्छुक हैं, उनके लिए सावन के चारों सोमवार का व्रत सर्वश्रेष्ठ उपाय माना गया है। वृश्चिक राशि (Scorpio) स्वामी मंगल: पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें — मंगल की तीव्रता को पाँचों द्रव्यों का संतुलन साधता है। लाल पुष्प व बेलपत्र अर्पित करें। भाग्येश गुरु उच्च होकर आपके नवम भाव में हैं — इस सावन की गई साधना का फल दुगुना है। “ॐ नमः शिवाय” के साथ मंगलवार को हनुमान-दर्शन भी करें। धनु राशि (Sagittarius) स्वामी गुरु: हल्दी मिश्रित दूध से अभिषेक करें, पीले पुष्प व चने की दाल अर्पित करें। गुरु का पीत-तत्व हल्दी में है — भाग्य, विवाह और संतान तीनों भावों को बल मिलता है। आपके स्वामी गुरु 12 अगस्त तक अस्त हैं — इसलिए सावन का पूर्वार्ध

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Graha Gochar

साप्ताहिक राशिफल (20–26 July 2026) — सभी 12 राशियों के लिए

यह सप्ताह संधियों का है — 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा (प्रभु जगन्नाथ की वापसी), 25 जुलाई को सुना बेशा और देवशयनी एकादशी — इसी दिन से चातुर्मास आरंभ: भगवान विष्णु शयन में जाएंगे और अगले चार महीने साधना-सेवा के हैं। बुध अभी भी मिथुन में वक्री हैं — document, payment और बड़ी बातचीत दो बार जाँचें। उच्च के गुरु कर्क में अस्त चल रहे हैं (12 अगस्त तक) — नए शुभारंभ की जगह इस सप्ताह भक्ति और पुराने कामों की सफाई श्रेष्ठ है। सूर्य कर्क में दक्षिणायन चला रहे हैं, मंगल वृषभ में, शुक्र सिंह में, शनि मीन में और राहु कुंभ में। आइए राशिवार देखें: मेष राशि (Aries) सूर्य-गुरु दोनों चतुर्थ भाव में — घर-परिवार इस सप्ताह आपकी दुनिया का केंद्र है; माता के स्वास्थ्य और गृह-कार्यों पर ध्यान दें। वक्री बुध तृतीय में पुराने मित्र या रुकी बातचीत लौटाएँगे — सुनें ज़रूर, पर हाँ सोचकर कहें। शुक्र पंचम से प्रेम-संतान पक्ष अब पहले से साफ है। शनि बारहवें से खर्च की परीक्षा जारी है — चातुर्मास का संकल्प लें: इस सप्ताह एक फिजूल खर्च बंद। 🪔 उपाय: शनिवार को गरीबों में अन्न दान करें। | शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9 वृषभ राशि (Taurus) मंगल आपकी राशि में अंतिम चरण में हैं — ऊर्जा अब भी तेज़ है पर अधैर्य घट रहा है, बड़े शारीरिक काम इसी सप्ताह निपटा लें। वक्री बुध धन-भाव में हैं: रुका पैसा वापसी की ओर है, पर नया उधार बिल्कुल नहीं। सूर्य-गुरु तृतीय भाव से छोटी यात्रा शुभ — बाहुड़ा दर्शन का योग बने तो छोड़ें नहीं। शुक्र चतुर्थ से घर में सुख-शांति का रंग गहरा होगा। 🪔 उपाय: शुक्रवार को घर के मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाएँ। | शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6 मिथुन राशि (Gemini) आपके स्वामी बुध आपकी ही राशि में वक्री हैं — यह आत्म-समीक्षा का अंतिम सप्ताह है, अगले सप्ताह से गति लौटेगी। जो निर्णय उलझे हैं उन्हें Ekadashi (25) के बाद तक टालें। सूर्य-गुरु धन-भाव में — वाणी संभालकर बोलें तो धन-पक्ष मजबूत; कटु शब्द इस सप्ताह महंगे पड़ेंगे। मंगल बारहवें से नींद-खर्च दोनों बिगाड़ सकते हैं — रात जल्दी सोएँ। 🪔 उपाय: बुधवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें — चातुर्मास का श्रेष्ठ आरंभ। | शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5 कर्क राशि (Cancer) सूर्य और उच्च के गुरु दोनों आपकी ही राशि में — आप इस सप्ताह आकाश के केंद्र में हैं। आत्मबल ऊँचा रहेगा, लोग आपकी बात मानेंगे। पर गुरु अस्त हैं — बड़ा शुभारंभ 12 अगस्त बाद, अभी नींव डालें। वक्री बुध बारहवें से पुराने खर्च या भूली देनदारी सामने लाएँगे — चुका दें, हल्के हो जाएँ। शनि नवम से भाग्य धीरे पर पक्का चल रहा है। देवशयनी एकादशी का व्रत आपके लिए विशेष फलदायी। 🪔 उपाय: सोमवार और एकादशी — दोनों दिन शिव-विष्णु पूजन करें। | शुभ रंग: सफेद-मोती | शुभ अंक: 2 सिंह राशि (Leo) शुक्र आपकी राशि में अब पूरी शक्ति में हैं (केतु की छाया से बाहर) — व्यक्तित्व चमकेगा, रुके रिश्ते नरम पड़ेंगे। मंगल दशम से करियर की गाड़ी तेज़ है — इस सप्ताह मेहनत दोगुनी करें, दिखेगी। सूर्य-गुरु बारहवें में — मन एकांत चाहेगा; चातुर्मास का पहला दान आपके हाथ से हो तो सोने पर सुहागा। राहु सप्तम में साझेदारी में अफवाह से बचें — सीधी बात करें। 🪔 उपाय: रविवार को आदित्य-हृदय स्तोत्र और गुड़ का दान। | शुभ रंग: नारंगी | शुभ अंक: 1 कन्या राशि (Virgo) सूर्य-गुरु एकादश (लाभ) भाव में — रुका लाभ इस सप्ताह दरवाज़ा खटखटाएगा, पर वक्री बुध दशम से कहते हैं: करियर के कागज़ (offer, contract, appraisal) दो बार पढ़ें। राहु षष्ठ से प्रतियोगिता में आप भारी हैं। शुक्र बारहवें में — जीवनसाथी पर छोटा खर्च रिश्ते में बड़ी मिठास लाएगा। शनि सप्तम की परीक्षा जारी — दांपत्य में शब्द तौलकर। 🪔 उपाय: एकादशी का व्रत रखें — कन्या राशि के लिए यह विशेष शुभ है। | शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5 तुला राशि (Libra) सूर्य-गुरु दशम (कर्म) भाव में — करियर का प्रकाश-स्तंभ सप्ताह! वरिष्ठों की नज़र आप पर है; जो काम हाथ में है उसे चमका दें, पद-चर्चा शुरू होगी। वक्री बुध नवम से पुरानी योजना (कोर्स, यात्रा, आवेदन) फिर जीवित होगी — इस बार पूरी करें। शनि षष्ठ से रोग-शत्रु दबे रहेंगे। राहु पंचम में प्रेम में जल्दबाज़ी नहीं — Ekadashi बाद स्पष्टता आएगी। 🪔 उपाय: शुक्रवार को माँ लक्ष्मी को कमल/गुलाब अर्पित करें। | शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6 वृश्चिक राशि (Scorpio) सूर्य-गुरु नवम भाव में — भाग्य का द्वार खुला है; बाहुड़ा-सुना बेशा के दर्शन (चाहे screen पर) आपके लिए दोहरा पुण्य हैं। मंगल सप्तम में अंतिम सप्ताह — जीवनसाथी से चली आ रही खटपट अब ठंडी होगी, पहल आप करें। शुक्र दशम से कार्यक्षेत्र में प्रशंसा जारी। वक्री बुध अष्टम से पुराना रहस्य या हिसाब खुल सकता है — घबराएँ नहीं, साफ करें। 🪔 उपाय: मंगलवार हनुमान चालीसा + एकादशी व्रत — दोनों करें। | शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9 धनु राशि (Sagittarius) आपके स्वामी गुरु उच्च होकर अष्टम में हैं — गहरे बदलाव का दौर, पर उच्चता कहती है: हर बदलाव आपके पक्ष में मुड़ेगा। मंगल षष्ठ से प्रतियोगिता-विवाद में जीत आपकी है। वक्री बुध सप्तम से साझेदारी की पुरानी शर्तें फिर चर्चा में — इस बार लिखित करें। शनि चतुर्थ की गृह-जिम्मेदारी चातुर्मास में सेवा बनाकर निभाएँ — बोझ पुण्य बन जाएगा। 🪔 उपाय: गुरुवार को केले के वृक्ष में जल और चने की दाल अर्पित करें। | शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3 मकर राशि (Capricorn) सूर्य-गुरु सप्तम भाव में — दांपत्य और साझेदारी इस सप्ताह रोशनी में; जीवनसाथी की बात में इस सप्ताह विशेष सार है, सुनिए। वक्री बुध षष्ठ से पुराना रोग या कर्ज अंतिम बार सिर उठाएगा — इसी सप्ताह जड़ से निपटाएँ। शनि तृतीय से आपका पराक्रम तप रहा है — चातुर्मास के चार महीने आपके निर्माण के हैं, आज नींव रखें। राहु धन-भाव में वाणी से लेन-देन साफ रखें। 🪔 उपाय: शनिवार को पीपल के नीचे सरसों तेल का दीपक। | शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8 कुंभ राशि (Aquarius) राहु आपकी राशि में हैं और सूर्य-गुरु षष्ठ भाव

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