अध्याय ४.१३ — द्वादश भाव | व्यय, विदेश, एकान्त और मोक्ष | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम
द्वादश भाव — व्यय, हानि, विदेश, एकान्त, बन्धन और मोक्ष का भाव। बारह भावों की यात्रा यहाँ समाप्त होती है और एक वृत्त पूरा होता है। पाँच वर्षों के परामर्श…
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