अध्याय ४.१० — नवम भाव | भाग्य, धर्म, गुरु और पिता का विस्तृत विश्लेषण | वैदिक ज्योतिष
नवम भाव — भाग्य, धर्म, गुरु, पिता और दीर्घ यात्राओं का भाव। वैदिक ज्योतिष में नवम भाव को “भाग्य भाव” कहा जाता है — और यह नाम पूर्णतः सार्थक है। पाँच…
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