अध्याय ४.१ — बारह भावों का परिचय | केन्द्र, त्रिकोण, त्रिक और योगकारक | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम
वैदिक ज्योतिष में कुण्डली के बारह भाव — यह केवल बारह खाने नहीं हैं। ये बारह भाव मानव जीवन के समस्त अनुभवों का एक सम्पूर्ण मानचित्र हैं। जन्म से लेकर…
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मीन राशि — राशि चक्र की अन्तिम और सबसे गहरी राशि। मेष से आरम्भ हुई यह यात्रा मीन पर समाप्त होती है — और इस समापन में एक गहरा अर्थ है। मेष जहाँ “मैं” का…
अध्याय ३.१२ — मीन राशि | स्वभाव, ग्रह फल और सम्पूर्ण विश्लेषण | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम Read Post »
कुम्भ राशि — मानवता, विज्ञान और सामाजिक न्याय की राशि। पाँच वर्षों के ज्योतिष परामर्श में कुम्भ लग्न के जातकों में मैंने एक विशेषता हमेशा देखी है — ये…