अध्याय ४.४ — तृतीय भाव | पराक्रम, भाई-बहन, संचार और साहस | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम
तृतीय भाव — पराक्रम, साहस, भाई-बहन, यात्रा और संचार का भाव। पाँच वर्षों के परामर्श में मैंने देखा है कि जिन जातकों का तृतीय भाव बलवान होता है वे जीवन में…
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