अध्याय ४.३ — द्वितीय भाव | धन, वाणी, परिवार और मारकेश | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम
द्वितीय भाव — धन, परिवार, वाणी और कुल का भाव। पाँच वर्षों के ज्योतिष परामर्श में जब भी कोई जातक धन के विषय में जानना चाहता है, तो मैं सबसे पहले द्वितीय…
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