अध्याय ४.११ — दशम भाव | कर्म, करियर, व्यवसाय और सामाजिक प्रतिष्ठा | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम
दशम भाव — कर्म, करियर, व्यवसाय, सामाजिक प्रतिष्ठा और जीवन में उद्देश्य का भाव। वैदिक ज्योतिष में दशम भाव को “कर्म भाव” कहा जाता है। यह वह भाव है जो बताता…
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नवम भाव — भाग्य, धर्म, गुरु, पिता और दीर्घ यात्राओं का भाव। वैदिक ज्योतिष में नवम भाव को “भाग्य भाव” कहा जाता है — और यह नाम पूर्णतः सार्थक है। पाँच…
अध्याय ४.१० — नवम भाव | भाग्य, धर्म, गुरु और पिता का विस्तृत विश्लेषण | वैदिक ज्योतिष Read Post »
अष्टम भाव — आयु, मृत्यु, रहस्य, रूपान्तरण और उत्तराधिकार का भाव। वैदिक ज्योतिष में अष्टम भाव को सबसे रहस्यमय और भयावह भाव माना जाता है। पाँच वर्षों के…
अध्याय ४.९ — अष्टम भाव | आयु, मृत्यु, रहस्य और रूपान्तरण | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम Read Post »
AstroVgyaan पाठक क्या कहते हैं
"Ajit ji ke articles पढ़়कर पहली बार Jyotish समष् में आयी। Shani ki Dasha का विश्लेषण इतना सरल आर सटीक था कि मुष्े अपने जीवन की घटनाएं समष् में आइं।"
"Vedic Jyotish ke baare mein itni gehri jaankari Hindi mein kahin nahi mili. Kundali ke 12 bhaavon ka explanation bahut clear tha."
"Graha Dasha calculator bahut upyogi hai. Mujhe pata chala ki agle 3 saal mein kaun si Dasha chal rahi hai aur uska prabhav kya hoga."
"Ajit ji ka 6 saal ka anubhav saaf dikhta hai unke articles mein. Shani Mahadasha ke baare mein jo unhone likha, wo mere jeevan se bilkul match karta tha."
"Nakshatra aur unke fal ke baare mein jo series hai wo adbhut hai. Mere Nakshatra Rohini ke baare mein jo likha, wo 100% sahi tha."