
Ghar bante waqt disha, dwar aur kamron ki jagah sahi ho to jeevan mein sukoon aur samriddhi dono aate hain — yahi vastu shastra ka mool siddhant hai. Hazaaron saal purane granthon mein yeh gyaan bahut vistar se likha gaya hai, lekin aam bhasha mein samajhna mushkil hota hai.
Isi liye yeh free Vastu Shastra course shuru kiya hai — seedha, structured Hindi mein, do pramanik classical granthon ke gehre adhyayan par aadharit:
- 📜 विश्वकर्मप्रकाशः (वास्तुशास्त्रम्) — नागर (उत्तर भारतीय) वास्तु परंपरा का प्रतिनिधि ग्रंथ, संपादक/टीकाकार महर्षि अभय कात्यायन।
- 📜 मयमतम् — द्रविड़ (दक्षिण भारतीय) वास्तु परंपरा का मानक ग्रंथ, रचयिता दानवराज मय, हिन्दी व्याख्या डॉ. शैलजा पाण्डेय।
दोनों परंपराओं को मिलाकर एक संतुलित पाठ्यक्रम — जिसमें घरेलू वास्तु और मंदिर-स्थापत्य दोनों शामिल हैं। कोई फीस नहीं, कोई registration नहीं।
🎓 इस कोर्स में क्या सीखेंगे
यह कोर्स 8 मॉड्यूल में है, कुल 55 अध्याय। भूमि परीक्षा से लेकर मंदिर-निर्माण तक — हर विषय शास्त्र-आधारित और व्यावहारिक दोनों तरीकों से समझाया जाएगा।
| मॉड्यूल | अध्याय | स्थिति |
|---|---|---|
| 🏛️ मॉड्यूल १ — वास्तु शास्त्र की नींव | 6 अध्याय | ✅ पूर्ण (6/6) |
| 🌍 मॉड्यूल २ — भूमि परीक्षा एवं चयन | 8 अध्याय | ✅ पूर्ण (8/8) |
| 🔲 मॉड्यूल ३ — वास्तु पुरुष मंडल एवं पद विन्यास | 7 अध्याय | 🔜 जल्द आ रहा है |
| 🏠 मॉड्यूल ४ — गृह निर्माण के नियम | 10 अध्याय | 🔜 जल्द आ रहा है |
| 🚪 मॉड्यूल ५ — द्वार, वेध एवं दोष निवारण | 6 अध्याय | 🔜 जल्द आ रहा है |
| 🙏 मॉड्यूल ६ — गृह प्रवेश एवं वास्तु शांति | 5 अध्याय | 🔜 जल्द आ रहा है |
| 🛕 मॉड्यूल ७ — मंदिर एवं प्रासाद वास्तु | 8 अध्याय | 🔜 जल्द आ रहा है |
| 🏘️ मॉड्यूल ८ — नगर, ग्राम एवं दुर्ग वास्तु | 5 अध्याय | 🔜 जल्द आ रहा है |
| 🔮 मॉड्यूल ९ (भविष्य) | आधुनिक युग में वास्तु का उपयोग | 📋 योजना में |
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🏛️ मॉड्यूल १ — वास्तु शास्त्र की नींव
वास्तु शास्त्र क्या है, इसकी नागर (उत्तर भारतीय) और द्रविड़ (दक्षिण भारतीय) परंपरा में क्या अंतर है, और पंचभूत-दिशा का सिद्धांत — यह मॉड्यूल इसी नींव पर बना है।
- ✅ 1. वास्तु शास्त्र क्या है और क्यों जरूरी है
- ✅ 2. वास्तु शास्त्र की परंपरा — नागर (विश्वकर्मा) एवं द्रविड़ (मय) शैली में अंतर
- ✅ 3. वास्तु पुरुष की कथा — उत्पत्ति एवं ब्रह्माजी का वरदान
- ✅ 4. पंचभूत और वास्तु — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश तत्व का संतुलन
- ✅ 5. अष्ट दिशाओं का महत्व एवं उनके स्वामी ग्रह-देवता
- ✅ 6. वास्तु शास्त्र के प्रामाणिक ग्रंथ — विश्वकर्मप्रकाश एवं मयमतम् का परिचय
🌍 मॉड्यूल २ — भूमि परीक्षा एवं चयन
प्लॉट खरीदने से पहले भूमि की शास्त्रीय परीक्षा — आकार, रंग, गंध, ढलान — का ज्ञान इस मॉड्यूल में मिलेगा।
- ✅ 1. वास्तु भूमि के प्रकार (मयमतम्-आधारित वर्गीकरण)
- ✅ 2. शुभ एवं अशुभ भूमि के लक्षण
- ✅ 3. भूमि की आकृति और उसका फल — वर्गाकार, आयताकार, त्रिकोण, वृत्त आदि
- ✅ 4. भूमि परीक्षा की पारंपरिक विधियाँ — गंध, रंग, स्वाद, ध्वनि परीक्षा
- ✅ 5. भूमि का ढलान (प्लव) एवं जल-प्रवाह की दिशा का महत्व
- ✅ 6. वर्णानुसार भूमि चयन — पारंपरिक सिद्धांत एवं आज के संदर्भ में समझ
- ✅ 7. त्याज्य भूमि — किन भूमियों से बचना चाहिए
- ✅ 8. भूमि क्रय एवं परिग्रह के शास्त्रीय नियम
🔲 मॉड्यूल ३ — वास्तु पुरुष मंडल एवं पद विन्यास
वास्तु शास्त्र की सबसे मूल अवधारणा — वास्तु पुरुष मंडल (ग्रिड सिस्टम) — जो आगे के हर मॉड्यूल की नींव है।
- 🔜 1. वास्तु पुरुष मंडल क्या है और यह कैसे काम करता है — जल्द आ रहा है
- 🔜 2. १ पद से ३२ पद तक के मंडल प्रकार (सकल, पेचक, पीठ आदि) — जल्द आ रहा है
- 🔜 3. ६४ पद वास्तु — देवालय/मंदिर हेतु — जल्द आ रहा है
- 🔜 4. ८१ पद वास्तु — गृह निर्माण हेतु (पूर्ण विस्तार सहित) — जल्द आ रहा है
- 🔜 5. मंडल में ४५ वास्तु देवताओं की स्थिति एवं महत्व — जल्द आ रहा है
- 🔜 6. ब्रह्मस्थान — केंद्र का महत्व एवं उसकी रक्षा के नियम — जल्द आ रहा है
- 🔜 7. मर्म स्थान — किन बिंदुओं पर निर्माण वर्जित है — जल्द आ रहा है
🏠 मॉड्यूल ४ — गृह निर्माण के नियम
मुहूर्त निर्णय से लेकर कमरों की दिशा तक — घर बनाने की पूरी प्रक्रिया का शास्त्रीय मार्गदर्शन। कोर्स का सबसे बड़ा और व्यावहारिक मॉड्यूल।
- 🔜 1. गृहारंभ मुहूर्त निर्णय — शुभ काल का चयन — जल्द आ रहा है
- 🔜 2. गृह निर्माण हेतु शुभ नक्षत्र, तिथि एवं वार — जल्द आ रहा है
- 🔜 3. आयादि गणना — ८ आय एवं गृह की माप का शुभाशुभ फल — जल्द आ रहा है
- 🔜 4. निर्माण सामग्री का चयन — लकड़ी, ईंट, पत्थर के नियम — जल्द आ रहा है
- 🔜 5. नींव खुदाई की विधि एवं शिलान्यास संस्कार — जल्द आ रहा है
- 🔜 6. गृह की ऊंचाई एवं लंबाई-चौड़ाई का शास्त्रीय अनुपात — जल्द आ रहा है
- 🔜 7. कमरों की दिशा — रसोई, शयनकक्ष, पूजा घर, स्नानघर, अध्ययन कक्ष — जल्द आ रहा है
- 🔜 8. सीढ़ी, आंगन एवं जल स्रोत का उचित स्थान — जल्द आ रहा है
- 🔜 9. भवन के आवश्यक अंग — द्वार, स्तंभ, अलिंद (बरामदा) — जल्द आ रहा है
- 🔜 10. शल्य ज्ञान — भूमि में गड़ी अशुभ वस्तुओं की पहचान एवं निवारण — जल्द आ रहा है
🚪 मॉड्यूल ५ — द्वार, वेध एवं दोष निवारण
द्वार वास्तु शास्त्र का सबसे संवेदनशील हिस्सा है। यह मॉड्यूल द्वार-निर्माण नियम और सामान्य वास्तु दोषों के व्यावहारिक निवारण पर केंद्रित है।
- 🔜 1. द्वार निर्माण के नियम एवं द्वार शाखा का महत्व — जल्द आ रहा है
- 🔜 2. मुख्य द्वार की दिशा का चयन — जल्द आ रहा है
- 🔜 3. द्वार वेध — पहचान एवं बचाव के उपाय — जल्द आ रहा है
- 🔜 4. गृह वेध के १६ प्रमुख दोष (षोडश दोषप्रदर्शक चक्र) — जल्द आ रहा है
- 🔜 5. कमरे-अनुसार सामान्य वास्तु दोष के लक्षण — जल्द आ रहा है
- 🔜 6. वास्तु दोष निवारण — बिना तोड़फोड़ के व्यावहारिक समाधान — जल्द आ रहा है
🙏 मॉड्यूल ६ — गृह प्रवेश एवं वास्तु शांति
घर बनकर तैयार होने के बाद प्रवेश और शांति-कर्म की पारंपरिक विधियाँ।
- 🔜 1. गृह प्रवेश मुहूर्त एवं शुभ काल — जल्द आ रहा है
- 🔜 2. नवीन, अपूर्व एवं द्वंद्व गृह प्रवेश में अंतर — जल्द आ रहा है
- 🔜 3. वास्तु पूजा एवं वास्तु शांति विधि — जल्द आ रहा है
- 🔜 4. घर के आसपास वृक्ष एवं जलाशय — क्या लगाएं, क्या न लगाएं — जल्द आ रहा है
- 🔜 5. गृह प्रवेश के शुभ-अशुभ शकुन — जल्द आ रहा है
🛕 मॉड्यूल ७ — मंदिर एवं प्रासाद वास्तु
मयमतम् ग्रंथ की विशेषज्ञता मंदिर-स्थापत्य में है। देवालय निर्माण की पूरी प्रक्रिया — भूमि चयन से शिखर तक।
- 🔜 1. मंदिर निर्माण योग्य भूमि एवं दिशा का चयन — जल्द आ रहा है
- 🔜 2. प्रासाद के प्रकार — नागर, द्रविड़, वेसर शैली में अंतर — जल्द आ रहा है
- 🔜 3. गर्भगृह, अधिष्ठान एवं उपपीठ निर्माण — जल्द आ रहा है
- 🔜 4. शिखर के प्रकार एवं निर्माण नियम — जल्द आ रहा है
- 🔜 5. एक भूमि से बहुभूमि विमान तक — एक/द्वि/त्रि-तल मंदिर संरचना — जल्द आ रहा है
- 🔜 6. गोपुरम् — मंदिर के प्रवेश द्वार का वास्तु — जल्द आ रहा है
- 🔜 7. मंडप एवं सभागृह निर्माण — जल्द आ रहा है
- 🔜 8. मूर्ति स्थापन एवं प्राण-प्रतिष्ठा का वास्तु आधार — जल्द आ रहा है
🏘️ मॉड्यूल ८ — नगर, ग्राम एवं दुर्ग वास्तु
व्यक्तिगत घर से आगे बढ़कर सामूहिक नियोजन — गाँव, नगर, किला और सार्वजनिक जल-स्रोतों का वास्तु।
- 🔜 1. ग्राम नियोजन के सिद्धांत — जल्द आ रहा है
- 🔜 2. नगर निर्माण — मार्ग, वीथी, राजधानी का वास्तु — जल्द आ रहा है
- 🔜 3. दुर्ग/किला निर्माण के नियम — जल्द आ रहा है
- 🔜 4. जलाशय निर्माण — कुआं, तालाब, बावड़ी का वास्तु — जल्द आ रहा है
- 🔜 5. वृक्षारोपण एवं वृक्ष-छेदन के नियम एवं मुहूर्त — जल्द आ रहा है
🔮 मॉड्यूल ९ — आधुनिक युग में वास्तु का उपयोग (भविष्य की योजना)
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