Author name: Astro Vgyaan

Jyotish Course

अध्याय ४.११ — दशम भाव | कर्म, करियर, व्यवसाय और सामाजिक प्रतिष्ठा | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

दशम भाव — कर्म, करियर, व्यवसाय, सामाजिक प्रतिष्ठा और जीवन में उद्देश्य का भाव। वैदिक ज्योतिष में दशम भाव को “कर्म भाव” कहा जाता है। यह वह भाव है जो बताता…

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अध्याय ४.१० — नवम भाव | भाग्य, धर्म, गुरु और पिता का विस्तृत विश्लेषण | वैदिक ज्योतिष

नवम भाव — भाग्य, धर्म, गुरु, पिता और दीर्घ यात्राओं का भाव। वैदिक ज्योतिष में नवम भाव को “भाग्य भाव” कहा जाता है — और यह नाम पूर्णतः सार्थक है। पाँच…

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अध्याय ४.९ — अष्टम भाव | आयु, मृत्यु, रहस्य और रूपान्तरण | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

अष्टम भाव — आयु, मृत्यु, रहस्य, रूपान्तरण और उत्तराधिकार का भाव। वैदिक ज्योतिष में अष्टम भाव को सबसे रहस्यमय और भयावह भाव माना जाता है। पाँच वर्षों के…

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