Author name: Astro Vgyaan

Jyotish Course

अध्याय ४.८ — सप्तम भाव | विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी और मारकेश | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

सप्तम भाव — विवाह, जीवनसाथी, व्यापारिक साझेदारी और परस्पर सम्बन्धों का भाव। पाँच वर्षों के परामर्श में सप्तम भाव से जुड़े प्रश्न सर्वाधिक आते हैं — “मेरा…

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अध्याय ४.७ — षष्ठ भाव | शत्रु, रोग, ऋण और सेवा का विस्तृत विश्लेषण | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

षष्ठ भाव — शत्रु, रोग, ऋण और सेवा का भाव। वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव को त्रिक भाव कहा जाता है — परन्तु पाँच वर्षों के परामर्श अनुभव में मैंने एक बात…

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अध्याय ४.६ — पञ्चम भाव | सन्तान, बुद्धि, पूर्वजन्म का पुण्य और रचनात्मकता | वैदिक ज्योतिष

पञ्चम भाव — सन्तान, बुद्धि, पूर्वजन्म का पुण्य और रचनात्मकता का भाव। वैदिक ज्योतिष में पञ्चम भाव को “पुण्य भाव” भी कहा जाता है — यह वह भाव है जहाँ पिछले…

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