Author name: Astro Vgyaan

Jyotish Course

अध्याय ४.५ — चतुर्थ भाव | माता, गृह, मन, सुख और सम्पत्ति | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

चतुर्थ भाव — माता, गृह, मन, सुख और सम्पत्ति का भाव। पाँच वर्षों के परामर्श में मैंने एक बात बार-बार देखी है — जिन जातकों का चतुर्थ भाव बलवान होता है, उनके…

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अध्याय ४.४ — तृतीय भाव | पराक्रम, भाई-बहन, संचार और साहस | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

तृतीय भाव — पराक्रम, साहस, भाई-बहन, यात्रा और संचार का भाव। पाँच वर्षों के परामर्श में मैंने देखा है कि जिन जातकों का तृतीय भाव बलवान होता है वे जीवन में…

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अध्याय ४.३ — द्वितीय भाव | धन, वाणी, परिवार और मारकेश | वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

द्वितीय भाव — धन, परिवार, वाणी और कुल का भाव। पाँच वर्षों के ज्योतिष परामर्श में जब भी कोई जातक धन के विषय में जानना चाहता है, तो मैं सबसे पहले द्वितीय…

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